उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय आन्दोलन से संबंधित प्रमुख तथ्य

 


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उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में 10 मई, 1857 को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का आरम्भ हुआ था।

·      कानपुर में 1857 में क्रान्तिकारियों का नेतृत्व नाना साहब ने किया था।

·      लखनऊ में 1857 में क्रान्ति का संचालन मौलवी अहमदशाह और वेगम हजरत महल ने किया था।

·      1905 में कांग्रेस का अधिवेशन उत्तर प्रदेश के बनारस में हुआ था। जिसकी अध्क्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी।

·      उत्तर प्रदेश के गोरखपुर नगर पर नाजिम मीर मोहम्मद हसन ने 21 सितम्बर 1857 को अधिकार कर स्वतंत्रता की घोषणा की थी।

·      गोरखपुर के समीप स्थित चौरा-चौरा कांङ 5 फरवरी, 1922 को हुआ था।

·      उत्तर प्रदेश में काकोरी कांङ 25 अगस्त,1925 को हुआ था।

·      उत्तर प्रदेश में किसान आन्दोलन का नेतृत्व पं. जवाहर लाल नेहरू ने किया था।

·      उत्तर प्रदेश का वर्तमान नाम 12 जनवरी, 1950 को पड़ा था।

·      उत्तर प्रदेश भारतीय गणतंत्र का एक पूर्ण राज्य 26 जनवरी, 1950 को बना था।

·      प्रदेश में जमींदारी प्रथा का उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम 26 जनवरी, 1951 को लागू हुआ।

विशेष तथ्यः-

सन् 1858 में दिल्ली डिवीजन उत्तर -पश्चिमी प्रदेश से अलग कर दिया गया   और प्रदेश की राजधानी आगरा से इलाहाबाद स्थानान्तरित कर दी गई। उसी वर्ष 1 नवम्बर को एक शाही घोषणा द्वारा राजनीतिक सत्ता ईस्ट इण्डिया कम्पनी के हाथों से निकलकर सीधे महारानी विक्टोरिया के हाथों में सौंप दी गई।

   सन् 1877 में उत्तर-पश्चिम प्रदेश के लेफ्टिनेंट गवर्नर का पद तथा अवध के चीफ कमिश्नर का पद एक में मिला दिया गया।